

राज कुमार साह (राजू) अररिया, 01 फरवरी 2026
मादक पदार्थों के अवैध व्यापार एवं नशा उन्मूलन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को अररिया में एन०डी०पी०एस० (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) अधिनियम के प्रावधानों को लेकर व्यवहार न्यायालय सभागार अररिया में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि के रूप में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अररिया श्री गुंजन पांडेय एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी, अररिया श्री विनोद दूहन एवं पुलिस अधीक्षक, अररिया श्री जितेन्द्र कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में न्यायिक, प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के पदाधिकारियों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा एन०डी०पी०एस० अधिनियम के कानूनी प्रावधानों, जांच प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन, अभियोजन की मजबूती तथा न्यायालयीन प्रक्रिया की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों की सही जानकारी और विधिसम्मत कार्रवाई से ही दोषियों को कठोर दंड दिलाया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में नशा मुक्त समाज के निर्माण पर बल देते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस और न्यायिक तंत्र के समन्वय से ही मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने जागरूकता के साथ-साथ सख्त प्रवर्तन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक द्वारा एन०डी०पी०एस० मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग एवं समयबद्ध कार्रवाई की अहमियत पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के अंत में एन०डी०पी०एस० अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया गया।
