
गाजा को स्थिर करने के लिए प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टैबलाइजेशन फोर्स (ISF) में पाकिस्तान खुद को एक बड़े खिलाड़ी के तौर पर पेश करना चाहता है. इस योजना के तहत पाकिस्तान न सिर्फ इस अंतरराष्ट्रीय बल में शामिल होने को तैयार है, बल्कि वह इसकी कमांड अपने हाथ में लेने की भी इच्छा जता चुका है. मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, इस फोर्स का नेतृत्व एक वरिष्ठ पाकिस्तानी जनरल की ओर से करने की मांग इस्लामाबाद ने रखी है.सरल शब्दों में कहें तो पाकिस्तान चाहता है कि अगर गाजा में अंतरराष्ट्रीय शांति सेना उतारी जाती है, तो उसकी कमान पाकिस्तानी सेना के हाथ में हो. हालांकि, इसके बदले पाकिस्तान ने कई शर्तें भी रखी हैं.
पाकिस्तान की शर्तें क्या हैं?
पाकिस्तान की सबसे बड़ी शर्त यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टू-स्टेट सॉल्यूशन को साफ तौर पर स्वीकार किया जाए, यानी एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र के गठन की गारंटी हो. इसके अलावा, पाकिस्तान चाहता है कि उसकी भूमिका शुरुआत में केवल शांति बनाए रखने और हालात को स्थिर करने तक सीमित रहे, न कि गाजा में हथियारों को जब्त करने जैसी कार्रवाइयों तक. सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने यह भी साफ किया है कि उसे इस मिशन के लिए अमेरिका और सऊदी अरब, यूएई, कतर और मिस्र जैसे प्रमुख अरब देशों का एकजुट समर्थन चाहिए. इसके साथ ही, वह अपने आर्थिक संकट को देखते हुए अमेरिका और अरब देशों से लंबी अवधि के आर्थिक और सुरक्षा पैकेज की मांग भी कर रहा है.
